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कृष्ण जन्माष्टमी | कृष्ण लीला | lord krishna

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कृष्ण जन्माष्टमी व कृष्ण लीला द्वापर युग मे श्री कृष्ण जी का जन्म कंस की जेल में देवकी जी के गर्भ से हुआ। इस दिन को जन्माष्ठमी के रूप में मनाई जाती है।  बाल्यावस्था से ही कृष्ण जी ने लीलाएं की जो भगवत सुधा सागर में लिपिबद्ध की गई। जब कृष्ण जी का जन्म हुआ तो कंस की जेल से के सारे दरवाजे खुल गए और वासुदेव जी ने गोकुल में नंद जी के घर छोड़कर यसोदा की नवजात कन्या को लेकर वापस जेल में आ गए। कृष्ण-जन्माष्टमी इंद्र के प्रकोप से गोकुल की रक्षा श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हम आपको बताते हैं कि कृष्ण जी ने इंद्र द्वारा भारी वर्षा के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को एक अंगुली से उठा लिए। इसी कारण से गोवर्धन पर्वत कि पूजा की जाने लगी। जन्माष्टमी भारत के सभी राज्यो में मनाई जाती है। कृष्ण जी की प्रमुख लीलाएं मुख्यतः कालयवन नामक राक्षस को मारना, कंस के साथ साथ अनेक राक्षसों को वध, काली दह में भयंकर विष वाले सर्प  का वध, आदि है। कृष्ण जी अन्य चमत्कार की कर देते थे ,   कृष्ण जी जब बंसी बजाते थे तो आसपास के लोग बंसी की मधुर आवाज को सुनकर उनके पास आ जाते थे।...